आज सुबह ही मेरा अपनी फॅमिली के साथ शाकुम्भरी देवी जी जाने का प्रोग्राम बना | रूडकी से शाकुम्भरी देवीजी का रास्ता है,रोड ख़राब होने की वज़ह से रूडकी से तीन घंटे लगे शाकुम्भरी जी पहुचने में | सडक इतनी ख़राब थी की, छोटे बच्चो के साथ -साथ हम बड़ो की भी हालत पूरी तरह से खस्ता हो चुकी थी !!!
शाकुम्भरी जी से पहले ''भूरा देव जी'' की पूजा की जाती है, पहले 'सपरिवार' मैने वहां पर माथा टेका ,लम्बी लाइन में लगने के बाद हमारा नंबर आया था | फिर हम शाकुम्भरी जी के दर्शनों के लिए आगे बढे, लाइन वहां पर भी काफी लम्बी लगी थी,बिलकुल ''वैष्णो देवी जी '' की तरह लाइन लगी थी,6-7 घंटो से पहले नंबर आने के कोई आसार नज़र नही आ रहे थे |!!
हम लाइन में खड़े रहे, आखिरकार 'देवीजी' की की असीम कृपा हुई और मुझे अपने परिवार के साथ देवीजी के दर्शनों का सोभाग्य प्राप्त हुआ | शाकुम्भरी जी की मूर्ति स्वयंभू है, स्वयं ही अपनी भरपूर कृपा बरसा देती हैं | ''जय माता दी'' ''जय माता दी'' ''जय माता दी''
शाकुम्भरी जी से पहले ''भूरा देव जी'' की पूजा की जाती है, पहले 'सपरिवार' मैने वहां पर माथा टेका ,लम्बी लाइन में लगने के बाद हमारा नंबर आया था | फिर हम शाकुम्भरी जी के दर्शनों के लिए आगे बढे, लाइन वहां पर भी काफी लम्बी लगी थी,बिलकुल ''वैष्णो देवी जी '' की तरह लाइन लगी थी,6-7 घंटो से पहले नंबर आने के कोई आसार नज़र नही आ रहे थे |!!
हम लाइन में खड़े रहे, आखिरकार 'देवीजी' की की असीम कृपा हुई और मुझे अपने परिवार के साथ देवीजी के दर्शनों का सोभाग्य प्राप्त हुआ | शाकुम्भरी जी की मूर्ति स्वयंभू है, स्वयं ही अपनी भरपूर कृपा बरसा देती हैं | ''जय माता दी'' ''जय माता दी'' ''जय माता दी''
