''मेरा मंडे का दिन''
हाँ तो जैसा की मेरा टाइटल है- मेरा मंडे का दिन। सुबह 6 a.m से ही मेरा दिन शुरू हो गया actually उठना तो मॉर्निंग में इससे भी पहले था , परन्तु नाईट में कंप्यूटर पे थोड़ा वर्क ज्यादा था , सो यू know चलता है, क्या करे.
तो सुबह जागने के बाद पहले तो मैंने घर के बहार की बाउंडरी में ही थोड़ी चहल कदमी की, फिर फ्रेश होने के लिए बाथरूम का रुख किया, रात को दूध पी कर सोया जाये तो मॉर्निंग में एकदम से फ्रेश हो जाते हैं फिर ''दंतकांति'' से ब्रश किया , तब तक पत्नी ने चाय बना ली थी, सो चाय के साथ एक ब्रिटानिया का रस लिया। अभी चाय फिनिश ही की थी कि मेरी बड़ी गुड़िया बोली, ''पापा कॉलेज का टाइम हो गया'' । उसको स्टॉप तक ड्राप किया, तब तक मेरी दूसरी गुड़िया का भी स्कूल जाने का टाइम हो गया था। .....
इसके बाद cow का फ्रेश मिल्क लाना भी कम बड़ी बात नहीं है। cow के मिल्क से एक तो आँखों में बहुत फायदा होता है, दूसरा digestive system ठीक रहता है, ह्रदय की कोई बीमारी नहीं होती। टोटल अगर कैलकुलेट किया जाये तो ये तो लाइफ है :) :) घर आने के बाद मैंने हॉट water शावर लिया , cow मिल्क के साथ मेथी का परांठा और आम का अचार खाया। अपनी अन्नपूर्णा और उस विधाता का शुक्रिया अदा किया स्वदिष्ट नाश्ते के लिए। इन सब में सुबह के दस बज चुके थे । मैं ऑफिस के लिए निकल गया। ......
फिर ऑफिस जाकर मैं काम में जुट गया हूँ। अभी लंच का वक़्त हो गया है। लंच में मैंने दाल रोटी और सब्जी खा रहा हूँ । लंच फिनिश करके फिर से वही काम, अभी थोड़ा मुझको क्लाइंट के पास जाना पड़ रहा है । अभी शाम के 5 बजे हैं, चाय की हुडक लग रही है, सोच रहा हूँ घर जाकर ही पियूँगा। रोड पे जाम बहुत लगा है, घर तक पहुचने के लिए अच्छी खासी मशक्त करनी पड़ेगी। देखा आपने दो घंटे कहाँ गए नही पता चला। इसी बीच में आपसे बातें करते -करते शाम के सात बज चुके हैं। ....
कुछ पंक्तियाँ = दीवाना हु दीवाने को नज़र चाहिए
दोस्तों आपकी नज़रे इनायत चाहिए। ...

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