Hello Everyone !
मंथ एंडिंग आ रहा है, ये साल भी 50 दिन पुराना हो गया है ! दिन कितनी जल्दी -जल्दी बीतते हैं की पता ही नही चलता देखिये ना आपसे मेरी दोस्ती कितनी गहरी हो गयी है, लिटरली अब तो जब भी आप दोस्तों की याद आती है तो में आपसे कैंनेक्ट होने के लिए पोस्ट लिखने बैठ जाता हूँ ।
आज सुबह ऐसा लग रहा था की बारिश होगी परन्तु ''भगवान् दिवाकर की रश्मियाँ माता धरणी का वंदन करने आ ही गयी '' । आज जब बच्चों को स्कूल ड्राप करने गया तो, पहले यहाँ ये बात बतानी ज़रूरी है की हमारी कॉलोनी के बहार निकलते ही डेली यूज़ सामान की शॉप है, तो बच्चों ने एक - एक चिप्स का पैकेट और एक - एक चॉकलेट ली वही पास एक छोटा सा बालक भी ये देख रहा था तो उसको भी चिप्स और चॉकलेट शेयर करवाये मीन्स उसको भी खरीद कर दिए , दोस्तों , में समझता हूँ की दाने -दाने पे लिखा है खाने वाले का नाम ।
थोड़ा आगे गया तो देखाकिसी स्कूल की रिक्शा रास्ते में खड़ी है उसका टायर पंचर हो गया था, आते -जाते पेरेंट्स थोड़े - थोड़े बच्चों को अपने साथ लेजा कर स्कूल में ड्राप कर रहे थे मैंने भी कुछ बच्चों को लिफ्ट दी । तो ऐसे हुई मेरे दिन की शुरुआत , फिर डेरी तक गया आकर एक चाय पी और दो रस लिए उसके बाद करीब आधा घंटे बाद में शावर लेने के लिए बाथरूम में गया ।
नहाकर आने के बाद , 'देवालय ' में थोड़ी वंदना की उसके बाद ऑफिस पहुच गया , वहां जाते ही क्लाइंट का फ़ोन आ गया तो उससे बात की और मिलने का टाइम फिक्स किया ,उनके साथ लंच पे मिलने का तय हुआ । मैं तो अपना लंच घर से लाता हूँ सो लंच साथ लेकर निकला एक छोले - भठूरे वाले के हम लोग मिले काम की बात हुई , उन्होंने एक प्लेट छोले - भठूरे लिए और मैंने अपने घर से लाया टिफिन खाया । फिर शाम को सात बजे घर आकर थोड़ा रेस्ट किया आपको अपने से कांनेक्ट करती हुई पोस्ट लिखी , अब डिनर लेकर थोड़ा लैपटॉप पे ही ऑफिस का काम करूँगा फिर । थैंक्स दोस्तों पोस्ट पढ़ने के लिए मिलता हूँ आपसे अपनी अगली पोस्ट में
टेक केयर ।
आज सुबह ऐसा लग रहा था की बारिश होगी परन्तु ''भगवान् दिवाकर की रश्मियाँ माता धरणी का वंदन करने आ ही गयी '' । आज जब बच्चों को स्कूल ड्राप करने गया तो, पहले यहाँ ये बात बतानी ज़रूरी है की हमारी कॉलोनी के बहार निकलते ही डेली यूज़ सामान की शॉप है, तो बच्चों ने एक - एक चिप्स का पैकेट और एक - एक चॉकलेट ली वही पास एक छोटा सा बालक भी ये देख रहा था तो उसको भी चिप्स और चॉकलेट शेयर करवाये मीन्स उसको भी खरीद कर दिए , दोस्तों , में समझता हूँ की दाने -दाने पे लिखा है खाने वाले का नाम ।
थोड़ा आगे गया तो देखाकिसी स्कूल की रिक्शा रास्ते में खड़ी है उसका टायर पंचर हो गया था, आते -जाते पेरेंट्स थोड़े - थोड़े बच्चों को अपने साथ लेजा कर स्कूल में ड्राप कर रहे थे मैंने भी कुछ बच्चों को लिफ्ट दी । तो ऐसे हुई मेरे दिन की शुरुआत , फिर डेरी तक गया आकर एक चाय पी और दो रस लिए उसके बाद करीब आधा घंटे बाद में शावर लेने के लिए बाथरूम में गया ।
नहाकर आने के बाद , 'देवालय ' में थोड़ी वंदना की उसके बाद ऑफिस पहुच गया , वहां जाते ही क्लाइंट का फ़ोन आ गया तो उससे बात की और मिलने का टाइम फिक्स किया ,उनके साथ लंच पे मिलने का तय हुआ । मैं तो अपना लंच घर से लाता हूँ सो लंच साथ लेकर निकला एक छोले - भठूरे वाले के हम लोग मिले काम की बात हुई , उन्होंने एक प्लेट छोले - भठूरे लिए और मैंने अपने घर से लाया टिफिन खाया । फिर शाम को सात बजे घर आकर थोड़ा रेस्ट किया आपको अपने से कांनेक्ट करती हुई पोस्ट लिखी , अब डिनर लेकर थोड़ा लैपटॉप पे ही ऑफिस का काम करूँगा फिर । थैंक्स दोस्तों पोस्ट पढ़ने के लिए मिलता हूँ आपसे अपनी अगली पोस्ट में
टेक केयर ।
आज का टिप = सुबह जागने के बाद सबसे पहले बॉडी ट्रेम्प्रेचर पर पानी पीना चाहिए और अगर पानी रात को ताम्बे के गिलास में ढक कर रख दे और सुबह उठते ही पिए तो ''सोने पे सुहागा '' ।
कुछ पंक्तियाँ = हम होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन ॥
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